"ना VDA को मंजूरी, ना Regulation", क्रिप्टो पर संसदीय समिति के अध्यक्ष का बड़ा बयान
भारत में क्रिप्टो और Virtual Digital Assets यानी VDA को लेकर सरकार की नीति पर तस्वीर अभी भी पूरी तरह साफ नहीं हुई है। संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति ने करीब एक साल तक इस विषय पर चर्चा और अलग-अलग पक्षों से जानकारी लेने के बाद अपनी अंतिम मौखिक सुनवाई पूरी कर ली है। समिति के अध्यक्ष भर्तृहरि महताब के मुताबिक अब सरकार से जवाब मिलने का इंतजार है। यह जवाब अगले सप्ताह मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद समिति अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार कर सकती है। समिति की यह समीक्षा सितंबर 2025 में शुरू हुई थी। इस दौरान सरकारी विभागों, नियामकों, क्रिप्टो Industry और दूसरे संबंधित पक्षों से बातचीत की गई। हालांकि, अभी तक इस प्रक्रिया से कोई नया क्रिप्टो कानून या औपचारिक नीति सामने नहीं आई है। सरकार न पूरी तरह स्वीकार कर रही, न बना रही नियमन महताब ने कहा कि मौजूदा स्थिति में सरकार Virtual Digital Assets को आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं कर रही है और न ही इनके लिए कोई व्यापक नियामकीय व्यवस्था लागू की गई है। उनके मुताबिक यही स्थिति कई ऐसे सवाल खड़े करती है जिन पर आगे विचार की जरूरत है। इसका मतलब यह नहीं है कि भारत में क्रिप्टो से जुड़ी गतिविधियों पर









