Meta को Facebook द्वारा यूजर्स के डाटा को संभालने को लेकर रिकॉर्ड $25 बिलियन की पेनल्टी लगी है। इसके बावजूद Wall Street शांत नजर आ रहा है। कंपनी के शेयर बढ़ रहे हैं, क्योंकि इन्वेस्टर्स का फोकस इसके तेज़ी से बढ़ते AI बिजनेस और आज रात आने वाले बड़े अर्निंग्स रिपोर्ट पर है।
New Mexico के एक जज ने बुधवार, 21 अक्टूबर को आदेश दिया कि Meta को $25 बिलियन की रकम चुकानी होगी। ज्यूरी ने पाया कि Facebook ने बार-बार कंज्यूमर्स को प्राइवेसी प्रोटेक्शन और उनकी पर्सनल जानकारी की हैंडलिंग को लेकर गुमराह किया।
अब तक Meta पर लगाई गई यह सबसे बड़ी वित्तीय पेनल्टी है।
फिर भी Meta स्टॉक दोपहर को करीब 2% बढ़कर लगभग $708 पहुँच गया। लगभग $1.8 ट्रिलियन वैल्यू की कंपनी में इन्वेस्टर्स में कोई खास घबराहट नहीं दिखी।
Wall Street के शांत रहने के पीछे कुछ कारण हैं। Meta को लंबी कानूनी लड़ाई का सामना करना है, जबकि इसका नया लॉन्च हुआ Muse AI असिस्टेंट लाखों यूजर्स को आकर्षित कर रहा है।

कैम्ब्रिज एनालिटिका स्कैंडल समझाया गयाFacebook को $25 बिलियन की पेनल्टी कैसे लगी?
यह केस 2018 में सामने आए कैम्ब्रिज एनालिटिका स्कैंडल से जुड़ा हुआ है।
British पॉलिटिकल कंसल्टिंग कंपनी ने तीसरे पक्ष के पर्सनैलिटी क्विज ऐप के जरिए करीब 87 मिलियन Facebook यूजर्स की जानकारी हासिल की थी। इस डाटा का उपयोग पॉलिटिकल प्रोफाइलिंग और Donald Trump की 2016 प्रेसिडेंशियल कैंपेन जैसी गतिविधियों में किया गया।
New Mexico ने 2021 में Meta पर मुकदमा किया। आरोप था कि Facebook ने वहां के निवासियों को उनकी जानकारी की प्रोटेक्शन के बारे में गलत जानकारी दी। इन आरोपों में कंपनी के मिसइन्फॉर्मेशन रोकने और कंटेंट मॉडरेशन पॉलिसी को लागू करने को लेकर किए दावों को भी शामिल किया गया।
ज्यूरी ने 25 सितंबर को फैसला सुनाया और पाया कि New Mexico के कंज्यूमर प्रोटेक्शन लॉ का करीब 44 मिलियन बार उल्लंघन हुआ है।
राज्य कानून के तहत, इन उल्लंघनों के लिए $219 बिलियन से अधिक की पेनल्टी लग सकती थी, लेकिन जज Francis Mathew ने इसे घटाकर $25 बिलियन कर दिया।
यह रकम New Mexico के पब्लिक एजुकेशन सिस्टम के लिए तय की गई है।
इतनी बड़ी फाइन के बावजूद Meta का स्टॉक क्यों बढ़ रहा है?
ज्यूरी का सितंबर वाला फैसला आने के बाद इन्वेस्टर्स को पहले से पता था कि Meta को बड़ी फाइन हो सकती है। बुधवार के फैसले ने पेनल्टी की राशि को क्लियर किया, लेकिन कंपनी के पास अपील का विकल्प भी बचा हुआ है।
D.A. Davidson के टेक्नोलॉजी एनालिस्ट Gil Luria ने Reuters से कहा कि यह जारी कानूनी प्रक्रिया “Meta की वैल्यू पर कोई बड़ा असर डालने की संभावना नहीं रखती।”
करीब $1.8 ट्रिलियन मार्केट कैप के मुकाबले $25 बिलियन की पेनल्टी Meta की कुल मार्केट वैल्यू का सिर्फ लगभग 1.4% है।
बुधवार को टेक्नोलॉजी सेक्टर भी ऊपर रहा, Nasdaq में करीब 1.2% की बढ़त देखने को मिली। इस वजह से Meta के शेयर प्राइस में आई तेजी का पूरा श्रेय सिर्फ कोर्ट के फैसले को नहीं दिया जा सकता।

META का स्टॉक प्राइस $25 बिलियन फाइन के बावजूद बढ़ा
वहीं दूसरी तरफ, कंपनी के AI बिज़नेस ने निवेशकों के लिए उम्मीद को और मजबूत किया है।
Meta का Muse AI असिस्टेंट, जिसे 8 सितंबर को लॉन्च किया गया था, अब तक 10.9 मिलियन डाउनलोड तक पहुँच चुका है। इसके डेली एक्टिव यूज़र्स 16 अक्टूबर को 2.5 मिलियन के निशान पर पहुँच गए।
Muse के लॉन्च के बाद से Meta के शेयर लगभग 15% चढ़ गए हैं, हालाँकि अक्टूबर के हाई से इसमें थोड़ा करेक्शन आया है।
ये आंकड़े शुरुआत में मजबूत डिमांड को दर्शाते हैं।
हालाँकि, Meta ने Muse को प्रमोट करने के लिए काफी विज्ञापन बजट भी खर्च किया है। लेकिन अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि इस पॉपुलैरिटी को कंपनी लॉन्ग-टर्म प्रॉफिट में बदल पाएगी या नहीं।
Meta निवेशकों को आगे क्या देखना चाहिए?
Meta के शेयर के लिए अगला महत्त्वपूर्ण टेस्ट बुधवार के बाज़ार बंद होने के बाद आएगा, जब कंपनी अपना तीसरी तिमाही का रिजल्ट जारी करेगी।
एनालिस्ट्स को लगभग $63.3 बिलियन के रेवेन्यू की उम्मीद है, जो साल-दर-साल 24% की ग्रोथ दर्शाता है।
Meta ने 2026 के लिए $130 बिलियन से $145 बिलियन तक का कैपिटल एक्सपेंडिचर प्रोजेक्ट किया है, जिसमें ज्यादातर खर्च AI इंफ्रास्ट्रक्चर और कोर बिज़नेस को सपोर्ट करने के लिए होगा।
निवेशक देखना चाहेंगे कि क्या विज्ञापन से मिलने वाला रेवेन्यू इस खर्च को सपोर्ट करता रहेगा और क्या Muse धीरे-धीरे इतना इनकम जेनरेट कर पाएगा कि उसके बढ़ते ऑपरेटिंग कॉस्ट को जस्टिफाई किया जा सके।
Options ट्रेडर्स Meta के शेयर में प्राइस मूवमेंट के तौर पर, लेटेस्ट अर्निंग्स अनाउंसमेंट के बाद इस हफ्ते के आखिर तक लगभग 6.3% तक उतार-चढ़ाव का अनुमान लगा रहे हैं।
इसलिए आज रात के रिजल्ट्स, बुधवार के लीगल फैसले से कहीं बड़ा शॉर्ट-टर्म इंडिकेटर साबित हो सकते हैं।
फिर भी, प्राइवेसी से जुड़ा यह जजमेंट Meta के लिए एक अतिरिक्त चैलेंज है, खासकर जब वो AI में बड़ी रकम इन्वेस्ट कर रहा है। इसकी लॉन्ग-टर्म स्टॉक परफॉर्मेंस इसी बात पर निर्भर करेगी कि ये इन्वेस्टमेंट्स कितनी अच्छी रिटर्न दे पाते हैं।
$25 बिलियन Meta कब चुकाएगा?
Meta के फैसले को चुनौती देने और दंड को जरूरत से ज्यादा बताकर अपील करने की उम्मीद है। कंपनी का कहना है कि राज्य उपभोक्ताओं को वास्तविक नुकसान साबित नहीं कर पाया है।
यह अपील कई सालों तक चल सकती है। Meta कोर्ट से आदेश पर रोक (stay) भी मांग सकता है ताकि केस चलते समय भुगतान को टाला जा सके। अंतिम फैसला से पहले रकम कम हो सकती है, पलट भी सकती है, या सेटलमेंट के जरिए मसला सुलझाया जा सकता है।
हालाँकि, भुगतान टालने की भी कीमत है। Source New Mexico की रिपोर्ट के अनुसार, जब तक पूरी रकम नहीं चुकाई जाती, उस पर सालाना 15% का ब्याज लगना तय है।
अगर पूरी पेनल्टी पर फैसला कायम रहता है, तो ब्याज के चलते Meta की फाइनेंशियल मुसीबत काफी बढ़ सकती है।
अभी के लिए, इन्वेस्टर्स Meta की कमाई और AI को लेकर उसकी प्लानिंग को लेकर ज्यादा चिंतित दिख रहे हैं। ये पॉजिटिव सोच कितनी टिकेगी, ये इस बात पर निर्भर करेगा कि Meta का बिज़नेस कैसा चलता है और $25 बिलियन जुर्माना में से आखिरकार कितनी रकम चुकानी पड़ेगी।

