Bank of America (BofA) के इकनॉमिस्ट Aditya Bhave अपनी भविष्यवाणी पर कायम हैं कि इस साल Federal Reserve तीन बार रेट में बढ़ोतरी करेगा, भले ही जुलाई की मंदी रिपोर्ट Wall Street की उम्मीदों के मुताबिक रही हो।
Consumer Price Index (CPI) जुलाई में 0.1% बढ़ा, जिससे वार्षिक दर 3.4% पर बनी रही। यह आंकड़ा बिल्कुल वैसा ही आया जैसा कि इकनॉमिस्ट्स ने अनुमान लगाया था।
Fed का रिवर्सल अब टेस्ट पर
BofA ने जून में अपनी पिछली राय पलट दी थी और अपने तीन बार वृद्धि के पुराने अनुमान पर लौट आया। बैंक ने इसकी वजह Fed चेयर Kevin Warsh के कार्यकाल में लगातार बढ़ती मंदी बताई थी।
Bhave का कहना है कि Fed ने पिछले साल दरें बहुत तेजी से घटाईं, जबकि लेबर वीकनेस कभी पूरी तरह दिखी ही नहीं। अब Federal Open Market Committee (FOMC) को उन 75 बेसिस पॉइंट्स की कटौती को वापस लेना चाहिए।
“हमें लगता है कि उन्हें ये 75 बेसिस पॉइंट्स की कटौती वापस लेनी चाहिए। वो लेबर में संभावित रिस्क्स को लेकर सतर्क हो रहे थे, जो असल में कभी सामने आई ही नहीं।”
Aditya Bhave, CNBC
Bhave ने जॉब्स को लेकर डर को किया खारिज
Bhave ने इस विचार को खारिज किया कि जुलाई की चौंकाने वाली जॉब्स रिपोर्ट असली लेबर मार्केट की परेशानी दिखाती है। उन्होंने कहा कि हर महीने का डेटा ज्यादा उतार-चढ़ाव वाला रहता है और इस मौसम में अक्सर ऐसे पैटर्न आते हैं जिससे आंकड़े कमज़ोर दिखते हैं।
उन्होंने कहा कि पूरे साल का औसत देखें तो हर महीने करीब 50,000 नई नौकरियां बन रही हैं। उनके अनुसार, यह रफ्तार अच्छी है, क्योंकि लेबर फोर्स उतनी तेजी से नहीं बढ़ रही।
लॉन्ग-टर्म बॉरोइंग कॉस्ट्स उनकी दलील को और मजबूत बनाते हैं। उन्होंने बताया कि 30 साल का Treasury यील्ड लगभग 5.25% पर है। यह स्तर वही है जो Fed के रेट होल्ड के फैसले के बाद देखा गया था, जो बॉन्ड मार्केट्स के लिए उल्टा पड़ा था।
Bhave ने चेतावनी दी कि अगर अभी रेट में बढ़ोतरी टाली गई, तो लंबे समय के यील्ड फिक्स नहीं रहेंगे अगर मंदी फिर बढ़ती है। उनका यह भी मानना है कि राजनीति भी टाइमिंग को असर करेगी। Bhave को नहीं लगता कि Fed अक्टूबर में, मिड-टर्म चुनाव से ठीक पहले कोई कदम उठाएगा।
उनकी एक्सपेक्टेशन है कि पहली रेट हाइक सितंबर में होगी, या फिर इसकी शुरुआत देरी से दिसंबर में हो सकती है।
Wall Street में बंटा हुआ है राय
हर इकनॉमिस्ट Bhave से सहमत नहीं हैं। Wells Fargo के चीफ इकनॉमिस्ट Tom Porcelli मानते हैं कि Fed को 2026 तक रेट्स को होल्ड करना चाहिए। उनकी राय BofA की आक्रामक नीति से बिल्कुल उलट है।
ट्रेडर्स भी सतर्कता को प्राथमिकता दे रहे हैं। CME Group का FedWatch टूल ट्रेडर्स की Fed के फैसलों पर लगी शर्तों को ट्रैक करता है। यह दिखाता है कि जुलाई की रिपोर्ट के बाद सितंबर में दरें बढ़ाने की संभावना घटकर 42% रह गई है।
Bhave अब भी सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि अगर बाकी के सभी डेटा पॉइंट्स भी Fed के पक्ष में जाते हैं, तब भी core मंदी टार्गेट से ऊपर बनी रहेगी। वे मानते हैं कि यह overshoot ऐसे समय होगा जब लेबर मार्केट लगभग equilibrium में है। क्या केंद्रीय बैंक इससे सहमत होता है, यह सितंबर में साफ हो सकता है।


