Morgan Stanley ने तीन बायोटेक breakthroughs का नाम लिया है जो निवेशकों को बड़ा रिटर्न दे सकते हैं, जिसमें Alzheimers की दवाएं, जीन एडिटिंग, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शामिल हैं।
एनालिस्ट Sean Laaman और Maxwell Skor ने इस रिसर्च को पब्लिश किया, और ये रिपोर्ट बैंक की सालाना Global Healthcare Conference, New York में हुई।
बायोटेक breakthroughs की कीमतें Multi-Billion $ तक
Morgan Stanley की रिपोर्ट के मुताबिक Alzheimers ड्रग मार्केट का साइज $70 बिलियन है। बैंक इसे दो हिस्सों में बांटता है – एक वो थेरापीज़ जो cognitive decline को स्लो करती हैं, दूसरी वो ट्रीटमेंट्स जो psychosis और agitation जैसे सिम्पटम्स के लिए होती हैं।
बैंक का मानना है कि फायदा सिर्फ drugmakers को ही नहीं होगा। अगर नर्सिंग होम में एंट्री को 12 से 18 महीने तक डिले किया जाए, तो US healthcare की वैल्यू लिस्ट प्राइस से कई गुना हो सकती है। डायग्नॉस्टिक्स, केयर डिलिवरी, रिटायरमेंट और इंश्योरेंस कंपनियाँ भी इससे फायदा उठा सकती हैं या उन्हें एडजस्ट करना पड़ सकता है।
शुरुआती gene-editing थेरापीज़ ex vivo थीं, मतलब डॉक्टर सेल्स को बाहर निकालते थे, लेब में एडिट करते थे और फिर वापस शरीर में ट्रांसफर करते थे। इसके मुकाबले, in-vivo वर्जन शरीर के अंदर DNA को एडिट करता है। इससे ऐसे ऑर्गन भी ट्रीट किए जा सकते हैं जिन्हें आसानी से निकाला नहीं जा सकता, जैसे brain, heart, eyes, और liver।

फार्मा और बायोटेक की परफॉरमेंस मिड-2025 से लगातार ऊपर जा रही है। इमेज सोर्स: Janus Henderson
Morgan Stanley का अनुमान है कि 2035 तक इन-वीवो मार्केट $10 बिलियन का हो सकता है, खासकर शॉर्ट-टर्म इंडिकेशंस में। फिलहाल कंसेंसस $6 बिलियन पर है। अगले 18 महीनों में आने वाला डेटा इन प्लेटफॉर्म्स को वैल्यू करने में निवेशकों को नई दिशा दे सकता है।
Morgan Stanley को AI सप्लायर्स ज्यादा पसंद हैं, drug developers से ज्यादा
एनालिस्ट्स का अनुमान है कि AI, नई दवा खोजने में लगने वाला समय 4.5 साल से घटाकर 1.5 साल कर सकता है। इसके अलावा, रिसर्च और डेवलपमेंट कॉस्ट 25% से 60% तक कम हो सकती है।
फिर भी, अभी तक ये साफ नहीं हुआ है कि AI के आने से दवाएं मरीज तक पहुँचने के चांस कितना ज्यादा होते हैं। इसलिए, बैंक का ध्यान AI से जुड़े डेटा, टूल्स और कंप्यूटिंग पॉवर प्रोवाइड करने वाली कंपनियों पर है।
ऐसी कंपनियां पहले से ही AI एडॉप्शन को रेवेन्यू में बदल रही हैं और इन्हें क्लिनिकल रिजल्ट्स पर कम निर्भर रहना पड़ता है। बैंक, AI बेस्ड बायोटेक कंपनियों के क्लिनिकल inflection पॉइंट्स को चुनकर मॉनिटर करता है और बड़ी कंपनियों की प्रोडक्टिविटी गेन को थोड़ा संदेह के नजरिये से देखता है।
Trial डेटा और कच्चे तेल की कीमतें इस थीसिस को टेस्ट कर सकती हैं
क्लिनिकल डाटा अब भी बायोटेक स्टॉक्स को तेज़ी से बदल सकता है, जैसा कि Moderna की अगस्त की रैली ने एक लेट-स्टेज कैंसर वैक्सीन के नतीजों के बाद दिखाया था।
टाइमिंग भी महत्वपूर्ण है। Morgan Stanley के स्ट्रैटजिस्ट Mike Wilson ने सितंबर के मध्य में 30 दिनों के भीतर करेक्शन की चेतावनी दी थी अगर तेल की कीमतें बढ़ने से liquidity कम हो जाती है।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि सबसे बेहतर actionable exposure लैब से सबसे दूर है, जबकि सबसे बड़ा अपसाइड डाटा के इंतजार में है।

