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NEET पेपर लीक के बाद बड़ा बदलाव, अब ब्लॉकचेन और AI से होगी परीक्षा की सुरक्षा

एब्स्ट्रैक्ट:NEET पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा सुरक्षा में बड़ा बदलाव किया है। अब AI, ब्लॉकचेन और 10 स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के जरिए परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा।

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। हाल के पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए ब्लॉकचेन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को अपनाने का फैसला किया है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि भविष्य में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

सरकार का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य केवल पेपर लीक रोकना नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना भी है। नए ढांचे में प्रश्नपत्र तैयार होने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने और परीक्षा संपन्न होने तक हर चरण पर डिजिटल निगरानी रखी जाएगी।

ब्लॉकचेन तकनीक कैसे करेगी मदद?

ब्लॉकचेन एक ऐसी डिजिटल तकनीक है जिसमें किसी भी रिकॉर्ड को सुरक्षित और छेड़छाड़ से बचाकर रखा जा सकता है। सरकार का मानना है कि यदि प्रश्नपत्रों की आवाजाही और उनसे जुड़े रिकॉर्ड ब्लॉकचेन पर दर्ज किए जाएं, तो किसी भी स्तर पर बदलाव या अनधिकृत पहुंच का तुरंत पता लगाया जा सकेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, ब्लॉकचेन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक बार कोई जानकारी दर्ज हो जाने के बाद उसे बिना रिकॉर्ड छोड़े बदला नहीं जा सकता। इससे प्रश्नपत्रों की सुरक्षा पहले की तुलना में अधिक मजबूत हो सकती है।

हालांकि सरकार ने अभी यह नहीं बताया है कि ब्लॉकचेन प्रणाली किस तकनीकी मॉडल पर आधारित होगी, लेकिन संकेत दिए गए हैं कि इसका उपयोग परीक्षा से जुड़े संवेदनशील रिकॉर्ड की निगरानी में किया जाएगा।

AI और 10 स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था भी होगी लागू

ब्लॉकचेन के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता का भी उपयोग किया जाएगा। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि AI की मदद से संदिग्ध गतिविधियों, असामान्य पैटर्न और संभावित सुरक्षा जोखिमों की पहचान की जाएगी। इसके अलावा परीक्षा प्रक्रिया के लिए 10 स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है।

नई व्यवस्था में प्रश्नपत्रों की छपाई, पैकेजिंग, परिवहन, भंडारण और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के हर चरण पर निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, डिजिटल ट्रैकिंग और कड़े सत्यापन उपाय भी शामिल किए गए हैं।

सरकार का कहना है कि इन सुधारों के साथ परीक्षा प्रणाली में मानव हस्तक्षेप कम होगा और किसी भी अनियमितता का पता पहले से अधिक तेजी से लगाया जा सकेगा।

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पेपर लीक के बाद क्यों जरूरी हुए ये बदलाव?

NEET पेपर लीक मामले के बाद परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठे थे। जांच एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था में कई कमजोरियों की पहचान की थी, जिसके बाद परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक सुधार की जरूरत महसूस की गई। हाल ही में सीबीआई ने भी अपनी जांच में प्रश्नपत्र तैयार करने और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई खामियों की ओर ध्यान दिलाया है।

इसी के बाद सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और आधुनिक तकनीक को परीक्षा प्रणाली का हिस्सा बनाने का फैसला किया। साथ ही परीक्षा सुरक्षा से जुड़े नियमों को भी पहले से अधिक सख्त किया गया है। हाल में सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के लिए नया कानून भी लागू किया गया है, जिसमें दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।

आगे क्या होगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लॉकचेन और AI जैसी तकनीकों का इस्तेमाल परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। हालांकि इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इन तकनीकों को कितनी प्रभावी तरह लागू किया जाता है और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय कितना मजबूत रहता है।

सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना काफी कम होगी और छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा मजबूत होगा। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो भविष्य में अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इसी तरह की तकनीक अपनाई जा सकती है।

फिलहाल इतना स्पष्ट है कि NEET विवाद के बाद परीक्षा सुरक्षा को लेकर सरकार ने बड़ा तकनीकी बदलाव शुरू कर दिया है। ब्लॉकचेन, AI और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के जरिए परीक्षा प्रक्रिया को पहले से अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है।

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