एशियाई मार्केट्स गुरुवार को बिना किसी स्पष्ट दिशा के ट्रेड हुए। निवेशकों ने एक बंटे हुए Federal Reserve के फैसले और साउथ कोरिया के शेयरों में ताजा वोलाटिलिटी के बीच संतुलन बैठाया।
जापान का Nikkei 225 करीब एक प्रतिशत बढ़ा और 62,000 के ऊपर ट्रेड कर रहा था। दक्षिण कोरिया का KOSPI लगभग एक प्रतिशत गिरा, और जून के पीक के बाद से इंडेक्स की वैल्यू का बड़ा हिस्सा मिटा चुका है।
बंटे हुए Fed के कारण रेट्स पर अभी भी अस्पष्टता
Fed ने बुधवार को 9-3 के वोट से अपनी बेंचमार्क रेट 3.5% से 3.75% पर स्थिर रखने का फैसला किया। तीन रीजनल प्रेसिडेंट्स – Cleveland की Beth Hammack, Minneapolis के Neel Kashkari और Dallas की Lorie Logan – ने रेट बढ़ाने के पक्ष में असहमति जताई।
यह बंटवारा चेयर Kevin Warsh के छोटे कार्यकाल का सबसे विवादित वोट था। Warsh ने एक बार फिर आगामी सेंट्रल बैंक के कदम पर कोई संकेत नहीं दिया, जिससे 30-वर्षीय Treasury यील्ड्स 2007 के बाद अपनी सबसे ऊंची लेवल पर पहुंच गई।
ट्रेडर्स ने प्रतिक्रिया में Dow को एक साल से ज्यादा के सबसे खराब सेशन तक पहुंचा दिया। वहीं, Bitcoin और गोल्ड इस विभाजन के कारण ऊपर चढ़ गए।
कोरिया का सेल-ऑफ़ गहराया, चिपमेकर्स कमजोर
South Korea अभी भी क्षेत्रीय सेल-ऑफ़ का केंद्र बना हुआ है। KOSPI ने बुधवार को करीब छह प्रतिशत की गिरावट दर्ज की, लगातार दूसरे दिन सर्किट ब्रेकर ट्रिगर हुआ और market की इमरजेंसी मीटिंग बुलानी पड़ी।
Regulators ने इसके बाद सिंगल-स्टॉक leveraged ETFs (स्टॉक की तरह ट्रेड होने वाले फंड्स) में रिटेल अलोकेशन को 20% पर कैप किया है। इसका मकसद इंडेक्स को जून के हाई से लगभग 40% गिराने वाली amplified losses पर लगाम लगाना है।

पिछले एक महीने में KOSPI में भारी गिरावट आई है क्योंकि AI से थकावट देखने को मिल रही है। इमेज स्रोत: Trading View
इस वोलाटिलिटी ने चिपमेकर्स को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। SK Hynix गुरुवार को छह प्रतिशत तक गिरा और लगातार दो दिन की तीखी गिरावट जारी रखी। हालांकि, Samsung Electronics एक दुर्लभ पॉजिटिव खबर लेकर आया।
कंपनी ने AI मेमोरी चिप्स की जबरदस्त मांग के चलते रिकॉर्ड तिमाही प्रॉफिट में सालाना 1,800% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की है। हालांकि, निवेशकों ने इस न्यूज़ को नजरअंदाज कर दिया है क्योंकि ग्लोबल मार्केट में AI से जुड़ी वैल्यूएशंस को लेकर डर बना हुआ है।
ऑयल ने मार्केट में और अनिश्चितता बढ़ा दी है। ब्रेंट क्रूड $90 प्रति बैरल से नीचे ही रहा। एक दिन पहले यह चार प्रतिशत से ज्यादा उछल गया था, जिससे तीन दिनों की गिरावट रुक गई। ईरान के ताज़ा हमलों और सऊदी फैसिलिटी पर ड्रोन अटैक के कारण ये तेजी दिखी। वहीं, कुछ दिन पहले ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर कूटनीतिक पहल के बाद दाम नीचे आए थे।
Nordea Asset Management की पोर्टफोलियो मैनेजर Gina Kim ने CNA को बताया कि कोरिया और ताइवान में रिटेल मार्जिन बैलेंस इस बात का मुख्य इंडिकेटर होंगे कि पैनिक कब थमेगा।
Fed ने अपनी सितंबर मीटिंग से पहले कोई क्लियर सिग्नल नहीं दिया है। कोरियन रेग्युलेटर्स अब भी रिटेल लेवरेज कंट्रोल करने में लगे हैं। आने वाले दिनों में न्यू डेटा से ज्यादा इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या इन्वेस्टर सेंटीमेंट खुद ब खुद स्टेबल हो जाता है।

