Israel के चुनाव बिना किसी स्पष्ट विजेता के समाप्त हो गए हैं, जिससे ईरान के साथ उसके युद्ध का भविष्य अनिश्चित बन गया है। यह राजनीतिक गतिरोध ग्लोबल ऑयल प्राइस, मंदी और फाइनेंशियल मार्केट्स पर बड़ा असर डाल सकता है।
मंगलवार, 27 अक्टूबर को आए एग्ज़िट पोल्स में प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के गठबंधन को, पूर्व सैन्य प्रमुख Gadi Eisenkot की अगुवाई वाली विपक्ष से पीछे दिखाया गया। किसी भी पक्ष को गवर्न करने के लिए जरूरी 61 संसदीय सीटें नहीं मिलीं।
यह अनिश्चितता ऐसे समय में आई है जब तेल ट्रेडर्स अमेरिका-इज़रायल द्वारा ईरान पर दोबारा सैन्य कार्रवाई की संभावना को तौल रहे हैं। मंगलवार को ब्रेंट क्रूड $113.88 पर बंद हुआ, और अभी मार्केट में पहले से जियोपॉलिटिकल रिस्क का प्रीमियम है।

Israel Election Projected Exit Poll. Source: Channel 12Israel का चुनाव: अप्रत्याशित नतीजों की वजह से नए समीकरण
Netanyahu की Likud पार्टी को 24 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बने रहने का अनुमान है, जबकि Eisenkot की Yashar को 22 सीटें मिली हैं। हालांकि, सबसे बड़ा सरप्राइज़ Israel के Palestinian नागरिकों से आया।
अरब समुदायों में रिकॉर्ड पार्टिसिपेशन के चलते Joint List और Raam ने 18 सीटें हासिल करने का अनुमान लगाया है, जो पिछले संसद में 10 थीं। पूरे देश में वोटिंग टर्नआउट 77.7% तक पहुंच गया।
इस बार अरब पार्टियां सत्ता का संतुलन बना सकती हैं। इसके बावजूद, Eisenkot ने उनके साथ कोई औपचारिक गठबंधन बनाने से इनकार किया है। इससे लंबे समय तक नेगोशिएशन या फिर से चुनाव की संभावना बन सकती है।
Netanyahu vs. Eisenkot: ईरान को लेकर क्या बदल सकता है?
दोनों लीडर्स ईरान को न्यूक्लियर वेपन हासिल करने से रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई के सपोर्टर हैं। पर दोनों के बीच टकराव की सीमा और डिप्लोमेसी की संभावना को लेकर मतभेद हैं।
| नीति | Netanyahu | Eisenkot |
| ईरान युद्ध | Tehran में रेजीम बदलना चाहते हैं | सैन्य दबाव से रेजीम बदलाव को व्यवहारिक नहीं मानते |
| न्यूक्लियर खतरा | प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक का समर्थन | ज़रूरत पड़ने पर स्ट्राइक के साथ डिप्लोमेसी भी अपनाने की बात |
| गाजा | Hammas के पूरी तरह से निरस्त्रीकरण के बाद ही वापसी की बात | यही डिमांड—साथ में 18 महीने में Hamas की सरकार हटाने का वादा |
| वेस्ट बैंक | सेटलमेंट विस्तार का समर्थन | अनधिकृत आउटपोस्ट एवं E1 प्रोजेक्ट का विरोध |
Netanyahu को Trump का पॉलिटिकल सपोर्ट जरूर है, लेकिन अमेरिका की नई सैन्य हिस्सेदारी अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।
Five initial remarks on the dramatic election results in Israel. All based on exit polls and might change.
1. Dont let the noise distract you. Netanyahu has just lost this election, and resoundingly.
The numbers tell the story. His current coalition holds 68 seats in the…
— נדב איל Nadav Eyal (@Nadav_Eyal) October 27, 2026
Wall Street Israel पर नजर क्यों रख रहा है?
तत्काल चिंता का विषय Strait of Hormuz है, जो 2025 में ग्लोबल समुद्री ऑयल ट्रेड का लगभग 25% ट्रांसपोर्ट करता है।
कोई भी गंभीर बाधा ग्लोबली ऊर्जा लागत बढ़ा सकती है, जिससे ब्याज दरों में कटौती मुश्किल हो जाएगी और रिस्की निवेश जैसे कि स्टॉक्स और क्रिप्टोकरेंसीज पर दबाव आ सकता है।
पाँच बड़ी फाइनेंशियल संस्थाएँ पहले ही रिस्क का आकलन कर चुकी हैं।
| Institution | Latest assessment |
| Commerzbank | Israel का चुनाव ईरान वॉर को काफी प्रभावित कर सकता है, खासकर अगर Netanyahu regime change की तरफ बढ़ते हैं। |
| Goldman Sachs | Brent के प्रति बैरल में लगभग $27 का हिस्सा geopolitical risk को दर्शाता है। अगर कूटनीतिक समझौता होता है तो ये प्रीमियम घट सकता है। |
| UBS | Middle East में अनिश्चितता के चलते Brent ऑयल का प्राइस साल के अंत तक $110 के करीब रहने की उम्मीद है, जो पहले $100 था। |
| SEB | आगे कुछ हफ्तों में अमेरिका-इज़राइली के नए हमलों की संभावना के कारण बड़ा रिस्क प्रीमियम देखता है। |
| MUFG | Israel चुनाव और US मिडटर्म्स को ओइल के अगले geopolitical catalyst के रूप में मुख्य राजनीतिक घटनाएं मानता है। |
अब स्टॉक्स और क्रिप्टो के लिए क्या?
अगर सटीक कूटनीतिक समाधान होता है तो ऑयल प्राइस गिर सकती है और मंदी की चिंता भी कम हो सकती है, जिससे इक्विटी और Bitcoin जैसे एसेट्स को सपोर्ट मिल सकता है।
वहीं, Gulf में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर नए हमले इसके बिल्कुल उलट असर डाल सकते हैं – मंदी की उम्मीद बढ़ सकती है और उधारी महँगी हो सकती है।
इन्वेस्टर्स के लिए सबसे अहम सवाल है कि Israel की राजनीतिक उलझन कोई समझौता टालती है या इससे Iran के साथ टकराव और लंबा चलता है।
चुनाव के आधिकारिक नतीजे अभी बाकी हैं और अमेरिका में मिडटर्म्स 3 नवंबर को हैं, ऐसे में अनिश्चितता इस हफ्ते के बाद भी रह सकती है।

