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Bitmine का stock 13% ऊपर, ETH treasury में निवेश से Wall Street पर फायदा

Bitmine Immersion Technologies (BMNR) के शेयरों ने सोमवार को एक ताज़ा ट्रेजरी अपडेट के बाद 13% की छलांग लगाई। यह Wall Street पर दिन का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला स्टॉक रहा। Ethereum (ETH) कंपनी के पास क्रिप्टो, कैश और इक्विटी में $11.8 बिलियन होने की जानकारी से Wall Street के इन्वेस्टर्स को भरोसा मिला।  कंपनी के पास अब 5.79 मिलियन ETH टोकन्स हैं, जो कि Ethereum की 120.7 मिलियन सर्क्युलेटिंग सप्लाई का 4.8% हिस्सा है। इससे Bitmine अपने 5% के accumulation टारगेट के काफी करीब पहुंच गया है, जो उसने 13 महीने पहले तय किया था।  BitMine बायबैक दिखाता है कॉन्फिडेंस  Bitmine ने पिछले हफ्ते 6.1 मिलियन शेयर वापस खरीदे, जो पिछले हफ्ते के 5.5 मिलियन से ज्यादा हैं। 1 जुलाई से अब तक कंपनी कुल 11.6 मिलियन शेयर बायबैक कर चुकी है, जो $4 बिलियन के बायबैक प्रोग्राम का हिस्सा है। Bitmine ने अप्रैल में अपने NYSE मेन-बोर्ड डेब्यू पर इस प्रोग्राम की घोषणा की थी।  सोमवार को BitMine का स्टॉक US में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला शेयर रहा। इमेज सोर्स: TradingView  चेयरमैन Tom Lee ने इस accumulation को लॉन्ग-टर्म कमिटमेंट बताया न कि सिर्फ ट्रेडिंग का मौका।  “Bitmine प्रति हफ्ते ETH खरीद रहा है, जब से 30 जून 2025 को ETH ट्रेजरी

07-28उद्योग

AI Memory Stocks में गिरावट: SK Hynix में 13% की गिरावट के 3 कारण

SK Hynix मंगलवार, 28 जुलाई को शुरुआती ट्रेडिंग में करीब 13% गिर गया। Samsung Electronics में भी 12% से ज्यादा की गिरावट देखी गई क्योंकि सेल-ऑफ़ की वजह से एशियाई मार्केट्स में गिरावट आई।  इस सेल-ऑफ़ ने सिर्फ एक सेशन में कोरिया, जापान और ताइवान की मार्केट वैल्यू से अरबों $ मिटा दिए। यह गिरावट Wall Street की चिप स्टॉक्स में कमजोरी के बाद शुरू हुई broader AI-लिंक्ड चिपमेकर सेल-ऑफ़ का ही विस्तार है।  Wall Street का दबाव और Nvidia की OpenAI डील ने निवेशकों को डराया  U.S. चिप स्टॉक्स रातभर फिर कमजोर रहे, जिसका असर AMD, Teradyne और Micron पर और नुकसान के रूप में दिखा। यह कमजोरी Wall Street Journal की Nvidia की funding योजना से जुड़ी ख़बर के बाद बढ़ी।  Nvidia reportedly ओहायो में OpenAI को 10-gigawatt डाटा सेंटर कैम्पस लीज़ पर लेने के लिए $250 बिलियन की गारंटी देने की बातचीत कर रही है। OpenAI के पास इनवेस्टमेंट-ग्रेड क्रेडिट रेटिंग नहीं है। यह प्रोजेक्ट कुल $500 बिलियन से भी ज्यादा का हो सकता है।  Nvidia, OpenAI के चिप खरीदने के लिए $350 बिलियन तक की फंडिंग पर भी चर्चा कर रहा है। वहीं निवेशकों के बीच अब सवाल उठ रहे हैं कि Nvidia की फाइनेंशियल बैकस्टॉप भूमिका क्या AI-लिंक्ड डिमांड की

07-28उद्योग

Dan Niles ने कहा Apple AI में ‘Incompetent’ था, फिर भी stock ऑल-टाइम हाई पर क्यों है

Niles Investment Management के संस्थापक Dan Niles का कहना है कि Apple (AAPL) की AI में धीमी शुरुआत उनके लिए एक आकस्मिक लाभ बन गई है, हालांकि उन्होंने इस हफ्ते आ रहे इसके earnings रिपोर्ट से पहले valuation risk पर भी ध्यान दिलाया है।  हाल में Apple के शेयर ने नया all-time high छू लिया। 27 जुलाई को इसका closing price रिकॉर्ड $336.91 पहुंच गया। इस बढ़त के बाद Apple का market capitalization लगभग $4.93 ट्रिलियन हो गया, जिससे Apple ने Nvidia से दुनिया की सबसे valuable पब्लिक कंपनी का खिताब वापस पा लिया। कंपनी 30 जुलाई को अपना तीसरी तिमाही का नतीजा घोषित करेगी।  Apple की AI में देरी बनी उसके लिए फायदे का सौदा  CNBC के Squawk on the Street शो में Niles ने बताया कि Apple ने अपने प्रतिद्वंद्वियों की तरह AI में खर्च की होड़ से खुद को बचा लिया, जिससे दूसरे कंपनियों की cash flow पर असर पड़ा।  “कई बार अयोग्यता में भी किस्मत साथ दे देती है,” Niles ने कहा। उन्होंने ये भी जोड़ा कि Apple, iPhones में AI लाने में “बेहद खराब” साबित हुआ था।  अब यही कमजोरी एक बढ़त के रूप में दिख रही है। Alphabet ने अपने 2026 के capital expenditure (capex) गाइडेंस को $195 बिलियन

07-28उद्योग

Ondo Finance का बड़ा कदम, अब टोकनाइज्ड शेयरों के निवेशक भी कर सकेंगे मतदान

टोकनाइजेशन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Ondo Finance ने डिजिटल निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा शुरू की है। कंपनी ने घोषणा की है कि अब उसके टोकनाइज्ड शेयरों और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) के धारक भी शेयरधारकों की तरह मतदान प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। इसके लिए कंपनी ने वित्तीय सेवा प्रदाता Broadridge के साथ साझेदारी की है।  अब तक टोकनाइज्ड शेयरों की सबसे बड़ी सीमाओं में से एक यह थी कि निवेशकों को पारंपरिक शेयरधारकों की तरह मतदान का अधिकार नहीं मिल पाता था। नए सिस्टम के जरिए Ondo इस अंतर को कम करने की कोशिश कर रहा है। कंपनी का कहना है कि इससे टोकनाइज्ड निवेश पारंपरिक शेयर बाजार के और करीब पहुंच जाएगा।  विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम ऐसे समय आया है जब दुनिया भर में वास्तविक परिसंपत्तियों के टोकनाइजेशन का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। कई बड़े वित्तीय संस्थान भी ब्लॉकचेन आधारित निवेश उत्पादों पर काम कर रहे हैं और निवेशकों की मांग लगातार बढ़ रही है।  क्या बदला है नई व्यवस्था में?  Ondo Finance की नई व्यवस्था के तहत टोकनाइज्ड शेयर और ETF रखने वाले निवेशकों को कंपनी से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अपनी राय देने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा उन्हें नियामकीय दस्तावेज, कंपनी की आधिकारिक सूचनाएं

07-04उद्योग

भारत में क्रिप्टो को कानूनी मान्यता देने के खिलाफ RBI, संसदीय समिति में रुख दोहराया

भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। संसद की स्थायी वित्त समिति के साथ हुई बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने स्पष्ट रूप से कहा कि निजी क्रिप्टोकरेंसी को कानूनी मान्यता नहीं दी जानी चाहिए। केंद्रीय बैंक ने अपनी पुरानी चिंता दोहराते हुए कहा कि ऐसी डिजिटल परिसंपत्तियां देश की वित्तीय स्थिरता, मौद्रिक व्यवस्था और आर्थिक सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं।  बैठक के दौरान RBI अधिकारियों ने समिति के सामने “वर्चुअल डिजिटल एसेट्स और आगे की राह” विषय पर अपना पक्ष रखा। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने यह भी सुझाव दिया कि बैंकों और अन्य विनियमित वित्तीय संस्थानों को निजी क्रिप्टो परिसंपत्तियों और निजी स्टेबलकॉइन से पूरी तरह अलग रखा जाना चाहिए।  यह चर्चा ऐसे समय हुई है जब भारत में क्रिप्टो पर व्यापक नियामकीय ढांचा तैयार करने को लेकर विचार-विमर्श जारी है। सरकार विभिन्न पक्षों से राय लेने के बाद भविष्य की नीति तय करने की दिशा में काम कर रही है।  RBI ने किन जोखिमों का किया जिक्र?  बैठक में RBI ने कहा कि निजी क्रिप्टोकरेंसी का बड़े पैमाने पर उपयोग देश की वित्तीय प्रणाली के लिए चुनौती बन सकता है। केंद्रीय बैंक का मानना है कि इन परिसंपत्तियों में अत्यधिक

07-03उद्योग

महाराष्ट्र ने क्रिप्टो को जमाकर्ता संरक्षण कानून में शामिल किया, निवेशकों को मिलेगी बड़ी सुरक्षा

क्रिप्टो निवेशकों के लिए महाराष्ट्र से एक बड़ा कानूनी फैसला सामने आया है। राज्य विधानसभा ने महाराष्ट्र जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम (MPID) में संशोधन को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद पहली बार क्रिप्टोकरेंसी और अन्य डिजिटल परिसंपत्तियों को भी इस कानून के दायरे में शामिल किया गया है।  इस बदलाव का उद्देश्य डिजिटल परिसंपत्तियों से जुड़े वित्तीय घोटालों में निवेशकों को बेहतर सुरक्षा देना और ठगी के मामलों में उनकी रकम की वसूली की प्रक्रिया को मजबूत बनाना है। अब यदि कोई वित्तीय संस्था क्रिप्टो परिसंपत्तियों के जरिए निवेशकों से धोखाधड़ी करती है, तो जांच एजेंसियां इन डिजिटल संपत्तियों को भी जब्त करने और कानूनी कार्रवाई के लिए इस्तेमाल कर सकेंगी।  विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत में क्रिप्टो परिसंपत्तियों को लेकर राज्य स्तर पर उठाए गए सबसे महत्वपूर्ण कानूनी कदमों में से एक है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है, वहीं धोखाधड़ी करने वाली संस्थाओं पर भी दबाव बढ़ेगा।  नए कानून में क्या बदला?  संशोधित कानून के तहत अब वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्तियां, जिनमें क्रिप्टोकरेंसी और ब्लॉकचेन आधारित अन्य डिजिटल संपत्तियां शामिल हैं, MPID कानून के अंतर्गत आएंगी। पहले यह कानून मुख्य रूप से उन वित्तीय संस्थाओं पर लागू होता था जो लोगों से धन जुटाकर धोखाधड़ी करती थीं।  संशोधन के बाद

07-03उद्योग

क्रिप्टो पर बड़ा मंथन, 2 जुलाई को RBI से मिलेगी संसदीय समिति

भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर नियामकीय ढांचा तैयार करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति 2 जुलाई को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करने जा रही है। इस बैठक में वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्तियों यानी क्रिप्टोकरेंसी के लिए संभावित नियामकीय ढांचे, निवेशक सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।  यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भारत में क्रिप्टो उद्योग लगातार स्पष्ट नियमों की मांग कर रहा है। दूसरी ओर सरकार और नियामक संस्थाएं निवेशकों की सुरक्षा, कर अनुपालन और अवैध गतिविधियों से जुड़े जोखिमों को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।  क्रिप्टो पर लगातार बढ़ रही हैं चर्चाएं  संसदीय समिति पिछले कुछ महीनों से क्रिप्टो क्षेत्र से जुड़े विभिन्न पक्षों से बातचीत कर रही है। हाल ही में समिति ने देश और विदेश में काम कर रहे प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंजों के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की थी। इन बैठकों में कर नियमों, निवेशक संरक्षण, उद्योग की चुनौतियों और भविष्य के नियमन पर सुझाव लिए गए थे।  2 जुलाई को होने वाली बैठक इस प्रक्रिया की आठवीं प्रमुख परामर्श बैठक मानी जा रही है। इस बार समिति सीधे RBI के अधिकारियों

07-02उद्योग

आठ महीनों में क्रिप्टो बाजार से गायब हुआ भारत की आधी GDP के बराबर मूल्य, आखिर क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?

वैश्विक क्रिप्टो बाजार ने पिछले आठ महीनों में भारी गिरावट का सामना किया है। इस दौरान बाजार पूंजीकरण में इतनी बड़ी कमी आई कि मिटा हुआ मूल्य भारत की कुल सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के लगभग आधे के बराबर बताया जा रहा है। कभी रिकॉर्ड ऊंचाइयों पर पहुंचा डिजिटल परिसंपत्ति बाजार अब निवेशकों की सतर्कता, आर्थिक अनिश्चितताओं और कमजोर मांग के दबाव में नजर आ रहा है।  विश्लेषकों के अनुसार, यह गिरावट केवल बिटकॉइन या कुछ चुनिंदा टोकनों तक सीमित नहीं रही। लगभग पूरे क्रिप्टो बाजार में निवेशकों ने जोखिम कम करने की रणनीति अपनाई, जिससे अरबों डॉलर का मूल्य समाप्त हो गया। हाल के महीनों में अकेले कुछ ही हफ्तों में क्रिप्टो बाजार से 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक मूल्य मिटने की घटनाएं भी दर्ज की गईं।  रिकॉर्ड ऊंचाई से तेज गिरावट तक का सफर  2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में क्रिप्टो बाजार को संस्थागत निवेश, बिटकॉइन आधारित निवेश उत्पादों और बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का लाभ मिला था। बिटकॉइन ने नए रिकॉर्ड बनाए और कई डिजिटल परिसंपत्तियों में तेज तेजी देखने को मिली।  लेकिन जैसे ही वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां बदलीं, निवेशकों का रुख भी बदलने लगा। ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, आर्थिक विकास की धीमी रफ्तार और जोखिम वाली परिसंपत्तियों से

07-02उद्योग

DeFi बाजार को बड़ा झटका, 2026 में 39% घटी लॉक वैल्यू; $45 अरब मूल्य हुआ साफ

क्रिप्टो उद्योग के लिए 2026 का साल अब तक चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है। विकेंद्रीकृत वित्त यानी DeFi सेक्टर में कुल लॉक वैल्यू (TVL) में लगभग 39% की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे करीब 45 अरब डॉलर मूल्य बाजार से गायब हो गया। यह गिरावट ऐसे समय आई है जब निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता कम हुई है, साइबर हमलों में बढ़ोतरी हुई है और पूंजी का प्रवाह नए क्षेत्रों की ओर मुड़ता दिखाई दे रहा है।  DeFiLlama और उद्योग से जुड़े विभिन्न आंकड़ों के अनुसार, वर्ष की शुरुआत में DeFi प्लेटफॉर्म्स में लॉक की गई परिसंपत्तियों का मूल्य काफी अधिक था, लेकिन बाजार में कमजोरी के साथ यह तेजी से घटा। कई विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल कीमतों में गिरावट का परिणाम नहीं है, बल्कि निवेशकों के व्यवहार में आए बदलाव का भी संकेत है।  आखिर DeFi TVL होता क्या है?  DeFi TVL का अर्थ है किसी विकेंद्रीकृत वित्तीय मंच पर जमा या लॉक की गई कुल डिजिटल परिसंपत्तियों का मूल्य। यह किसी भी DeFi नेटवर्क के आकार, लोकप्रियता और निवेशकों के भरोसे को मापने का एक प्रमुख पैमाना माना जाता है।  जब निवेशक अपने टोकन उधार देने, स्टेकिंग करने या अन्य वित्तीय सेवाओं के लिए प्लेटफॉर्म पर जमा करते

07-02उद्योग

AI मीमकॉइन में 95% की गिरावट; क्या खत्म हो रहा है इस ट्रेंड का असर?

क्रिप्टो बाजार में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) यानी AI से जुड़े टोकनों को लेकर पिछले कुछ वर्षों में काफी उत्साह देखने को मिला है। वहीं दूसरी ओर मीमकॉइन भी सोशल मीडिया और ऑनलाइन समुदायों की वजह से तेजी से लोकप्रिय हुए। लेकिन जब इन दोनों ट्रेंड्स का मेल हुआ, तो कई नए AI मीमकॉइन बाजार में आए और कुछ ही समय में अरबों डॉलर का मूल्य हासिल कर लिया। अब इनमें से एक चर्चित AI मीमकॉइन की तेज गिरावट ने निवेशकों के बीच चिंता बढ़ा दी है।  हालिया बाजार आंकड़ों के अनुसार, संबंधित टोकन की कीमत में कुछ ही दिनों के भीतर भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे बड़ी संख्या में निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पूरे क्रिप्टो बाजार में जोखिम वाली परिसंपत्तियों पर दबाव बना हुआ है और निवेशक अधिक सतर्क नजर आ रहे हैं।  विश्लेषकों का कहना है कि यह गिरावट केवल एक टोकन तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि AI और मीमकॉइन सेक्टर में मौजूद अत्यधिक सट्टेबाजी की ओर भी इशारा करती है।  AI और मीमकॉइन का मेल क्यों हुआ लोकप्रिय?  पिछले दो वर्षों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी कंपनियों और परियोजनाओं ने वैश्विक निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। इसी दौरान कई

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