President Donald Trump ने हर अमेरिकी वयस्क को $5,000 का पेआउट देने का वादा किया है, अगर इस नवंबर में Republican पार्टी Congress में बनी रहती है। ये वादा तब आया जब एक नए पोल में उनकी approval rating अब तक के सबसे निचले स्तर पर देखी गई।
Trump का ये वादा Republican Party के पहले मिडटर्म कन्वेंशन, Dallas में किया गया। इसी दिन Brent क्रूड ऑयल $102 प्रति बैरल के पार गया, क्योंकि US ने ईरानी टैंकरों पर ताजा हमले किए।
गिरती सपोर्ट के बीच पॉप्युलिस्ट वादा
Trump ने भीड़ को बताया कि अगर Republican पार्टी जीतती है तो देश की इकोनॉमिक सक्सेस के जरिए ये पेआउट फंड किया जाएगा। उन्होंने इसे डिविडेंड बताया, जैसे किसी कंपनी के शेयरहोल्डर्स को मिलता है। लेकिन उन्होंने फंडिंग या टाइमिंग पर कोई डिटेल नहीं दी।
ये वादा ऐसे वक्त में आया है जब Trump की रेटिंग्स लगातार गिर रही हैं। इस हफ्ते Financial Times/Focaldata पोल ने उनकी approval को 32% पर दिखाया है। अगस्त से तीन पॉइंट गिरावट आई है, जो मई से शुरू सर्वे की सबसे कम रेटिंग है।
Trump की स्वीकृति 32% तक गिर चुकी है। इमेज सोर्स: Focal Data
Reuters/Ipsos और University of Massachusetts Amherst के अलग-अलग पोल्स भी बता रहे हैं कि उनकी approval लगभग 30 पॉइंट नीचे है। वही Financial Times/Focaldata पोल में सिर्फ 22% लोग उनकी इकोनॉमी हैंडलिंग को अप्रूव करते हैं, जबकि 71% डिसएग्री करते हैं।
Prediction मार्केट्स ने पहले ही इसका असर दिखा दिया है। Polymarket के बेटर्स अब Democrats को November में Congress में जीतने के better-than-even चांस दे रहे हैं।
क्रिप्टो ट्रेडर्स क्यों देख रहे हैं ये खबर?
ये वादा Trump के पिछले साल के tariff dividend proposal जैसा है। विश्लेषकों का मानना था कि direct cash, टैक्स क्रेडिट्स की जगह, Bitcoin (BTC) और दूसरी रिस्की एसेट्स में नया कैपिटल ला सकता है।
ये बात क्रिप्टो ट्रेडर्स के लिए भी जरूरी है। Approval गिरने से Democratic Congress के चांस बढ़ जाते हैं। इससे CLARITY Act में बदलाव हो सकता है, जो क्रिप्टो ओवरसाइट को SEC और CFTC में बांटता है।
फरवरी में शुरू हुए US-Iran युद्ध के कारण ऑयल spike आया है, जो एक और नया variable बन गया है। इससे Federal Reserve की 15 और 16 सितंबर की rate meeting और भी जटिल हो गई है। ये मीटिंग पहले से ही इस बात की जांच के लिए अहम मानी जा रही है कि क्या युद्ध की वजह से बढ़ी energy costs, ठंडे पड़ते labor market पर भारी पड़ेंगी, खासकर Bitcoin की rate-sensitive ट्रेडिंग के लिए।
Bitcoin का स्पॉट प्राइस प्रेस टाइम पर करीब $77,900 के पास ट्रेड कर रहा था, जो 24 घंटे में लगभग 0.7% ऊपर था। स्पीच के बाद प्राइस पर ज़्यादा असर नहीं पड़ा।
Washington के पास अब एक fiscal वादा है, लेकिन उसका कोई funding source नहीं है और युद्ध के कारण energy costs भी बढ़ रही हैं। ट्रेडर्स को फैसले लेना है कि ये कॉम्बिनेशन वाकई में inflation का प्रेशर बढ़ाता है या फिर चुनाव से पहले की campaign noise है।

