क्रिप्टो बाजार में कर्ज देने और लेने का कारोबार एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है। दूसरी तिमाही में भारी गिरावट के बाद जुलाई से इस क्षेत्र में जमा डिजिटल संपत्तियों का मूल्य 55% से अधिक बढ़ चुका है। लेकिन इस वापसी के साथ सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी बढ़ी हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से होने वाले साइबर हमले, ब्लॉकचेन नेटवर्क के बीच बढ़ती निर्भरता और ग्राहकों की संपत्ति के गलत इस्तेमाल का खतरा अब भी बना हुआ है।
Cointelegraph Magazine की 8 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, दूसरी तिमाही में क्रिप्टो कर्ज बाजार से करीब $11.33 बिलियन की संपत्ति बाहर निकल गई थी। इसके बाद जुलाई से इस क्षेत्र में दोबारा तेजी आई और कर्ज देने वाले विकेंद्रीकृत मंचों पर जमा संपत्तियों का कुल मूल्य बढ़कर करीब $56 बिलियन हो गया। यह सुधार बाजार में लौटते भरोसे का संकेत है, लेकिन इससे संभावित साइबर हमलों के लिए उपलब्ध रकम भी बढ़ गई है।
Kelp DAO हैक से सामने आई बड़ी कमजोरी
क्रिप्टो कर्ज बाजार की सुरक्षा पर सवाल अप्रैल में हुए Kelp DAO हैक के बाद गंभीर हुए। इस घटना में हमलावरों ने क्रॉस-चेन व्यवस्था की कमजोरी का फायदा उठाकर करीब 1,16,500 ऐसे rsETH टोकन बनाए, जिनके पीछे पर्याप्त संपत्ति नहीं थी। उस समय इन टोकन का मूल्य करीब $290 मिलियन था।
इनमें से कई टोकन Aave पर दूसरी डिजिटल संपत्तियां उधार लेने के लिए गारंटी के रूप में इस्तेमाल किए गए। हालांकि, Aave के अपने स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट में सेंध नहीं लगी थी, फिर भी घटना के बाद उसके मंच से करीब $15 बिलियन की जमा संपत्तियां निकल गईं। कंपनी को rsETH और उससे जुड़े बाजारों को रोकना भी पड़ा।
यह घटना बताती है कि किसी कर्ज मंच की सुरक्षा केवल उसके अपने सॉफ्टवेयर पर निर्भर नहीं करती। यदि वह किसी दूसरे नेटवर्क, डिजिटल टोकन या बाहरी मूल्य बताने वाली प्रणाली पर भरोसा करता है, तो वहां की कमजोरी भी उसके लिए बड़ा जोखिम बन सकती है।
केवल कोड की जांच काफी नहीं
Aave के प्रमुख Stani Kulechov के मुताबिक, अब सुरक्षा की जांच में स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट के साथ उन सभी प्रणालियों को भी शामिल करना जरूरी है, जिन पर किसी डिजिटल संपत्ति की निर्भरता होती है। इनमें क्रॉस-चेन पुल, नेटवर्क की पुष्टि करने वाली प्रणालियां और संपत्ति जारी करने वाली कंपनियों की सुरक्षा व्यवस्था शामिल हैं।
क्रिप्टो कर्ज मंच Maple के सह-संस्थापक Sid Powell का कहना है कि कर्ज देने वाली कंपनियों को यह मानकर चलना चाहिए कि कोई उधारकर्ता कभी भी भुगतान करने में असफल हो सकता है। इसलिए उन्हें पहले से यह तय करना चाहिए कि संपत्ति कहां रखी है, उसकी स्थिति पर कितनी जल्दी नजर रखी जा सकती है और संकट के समय उसे कितनी तेजी से सुरक्षित किया जा सकता है।
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मानवीय गलतियां भी बड़ा खतरा हैं। गलत तरीके से निजी कुंजी संभालना, कर्मचारियों के खातों पर कमजोर नियंत्रण और धोखे से गोपनीय जानकारी हासिल करना ऐसी समस्याएं हैं, जिन्हें केवल स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट की जांच से नहीं पकड़ा जा सकता।
2022 में Celsius, Voyager और BlockFi जैसी कंपनियों का पतन इसका उदाहरण है। इन कंपनियों ने ग्राहकों की संपत्तियों से कमाई करने के लिए जोखिम भरे फैसले लिए थे, जिनके नतीजे ग्राहकों को भुगतने पड़े।
क्या AI सुरक्षा बढ़ा सकता है?
दिलचस्प बात यह है कि जिस AI की मदद से साइबर हमलों का खतरा बढ़ने की आशंका है, वही तकनीक सुरक्षा सुधारने में भी उपयोगी हो सकती है। Aave ने अपने स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट की जांच के लिए AI आधारित उपकरणों का इस्तेमाल शुरू किया है।
कंपनी के V4 कोड की जांच के दौरान परीक्षण के लिए जानबूझकर 304 कमजोरियां डाली गईं। इनमें से 271 को परीक्षण प्रणाली ने पकड़ लिया। एक अन्य समीक्षा में तीन AI सुरक्षा उपकरणों ने कुल 71 संभावित समस्याएं बताईं, लेकिन विशेषज्ञों की जांच के बाद उनमें से केवल 20 को वास्तविक कमजोरी माना गया। इससे पता चलता है कि AI तेजी से संभावित समस्याएं खोज सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय के लिए मानवीय विशेषज्ञता जरूरी है।
क्रिप्टो कर्ज बाजार की वापसी के बावजूद निवेशकों के लिए जोखिम खत्म नहीं हुए हैं। विशेषज्ञों का जोर इस बात पर है कि मंच अपनी संपत्तियों की निगरानी करें, जोखिम भरे टोकन को गारंटी के रूप में स्वीकार करने से पहले उनकी जांच करें और किसी सुरक्षा घटना के बाद नुकसान को सीमित करने की तैयारी रखें।

