सेक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने Situational Awareness नाम की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हेज फंड के साथ हुई डीलिंग्स को लेकर वॉल स्ट्रीट के बड़े बैंकों को सबपोेना भेजे हैं। इस फंड का पिछले महीने लगभग पतन हो गया था।
इस मामले से जुड़े तीन लोगों ने न्यूयॉर्क टाइम्स को जानकारी दी है। रेग्युलेटर्स ने ट्रेडिंग टाइमिंग डेटा और लेंडर कम्युनिकेशन्स मांगे हैं। फंड पर अभी तक किसी तरह की गड़बड़ी का आरोप नहीं लगा है।
SEC की जांच का फोकस लीवरेज लेन-देन की कड़ी पर
सबपोेना उन बैंकों को भेजे गए हैं जो फंड के ट्रेड्स को क्लियर और पोजीशन्स को फाइनेंस करते थे। रेग्युलेटरी फाइलिंग के मुताबिक Bank of America, Citi, Goldman Sachs और JPMorgan Chase इसके सबसे बड़े काउंटरपार्टीज में शामिल थे।
जांचकर्ताओं ने खास ट्रेडों की टाइमिंग का ब्यौरा और उन मैसेजेस की डिमांड की है जो बैंकों ने फंड के साथ उधार ली गई राशि पर एक्सचेंज किए थे। साथ ही, उनसे San Francisco फर्म से जुड़े हर रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने को कहा है।
इन चारों बैंकों ने कोई कमेंट करने से मना कर दिया। SEC ने भी कुछ नहीं कहा। Situational Awareness के प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह की जांच स्वाभाविक और अपेक्षित है।
“यह उम्मीद की जानी चाहिए कि रेग्युलेटर्स उन फंड्स की बारीकी से जांच करेंगे जिनका प्रोफाइल हाई है, बेहतर रिटर्न देते हैं या जिनमें अचानक बड़ी गिरावट देखी गई हो,” Situational Awareness ने अपने बयान में कहा।
यह मामला ऐसे वक्त सामने आया है जब बैंक अधिकारी मार्केट्स में छिपे उधारी के खतरों को लेकर अलर्ट कर रहे हैं। JPMorgan के चीफ Jamie Dimon ने इस महीने चेतावनी दी थी कि मार्जिन डेट रिकॉर्ड हाई तक पहुंच गया है।
$30 बिलियन की पोर्टफोलियो जो कुछ दिनों में सिमट गई
अपनी पीक पर, इस फंड की साइज़ $30 बिलियन से ज्यादा हो गई थी और इसने कई बिलियन डॉलर और उधार लिया था। इस फंड की शुरुआत करीब दो साल पहले 24 वर्षीय OpenAI के पूर्व रिसर्चर Leopold Aschenbrenner ने की थी।
फाइलिंग्स से पता चलता है कि फंड की स्ट्रेटजी काफी आक्रामक हो गई थी। मार्च में $8.5 बिलियन के प्रोटेक्टिव पुट ऑप्शन्स जून 30 तक काफी हद तक खत्म हो गए थे और इनकी जगह $12.5 बिलियन की आउटराइट लॉन्ग पोजीशन्स ने ले ली थी।
इसके बाद जुलाई के आखिर में AI से जुड़े शेयरों का प्राइस गिरा, वहीं जिन टेक stocks को फंड ने शॉर्ट किया था, वह तेजी से बढ़ गए। इसके चलते मार्जिन कॉल्स आईं, फंड का पोर्टफोलियो लगभग 67% गिर गया और Citadel ने पब्लिक पोर्टफोलियो को करीब 10% डिस्काउंट पर खरीदा।
Bitcoin माइनर्स फंस गए बीच में
क्रिप्टो निवेशकों को भी इस अनवाइंड का असर पता चले बिना ही झेलना पड़ा। माइनिंग स्टॉक्स पोर्टफोलियो का 25% तक बन गए थे और आखरी 13F फाइलिंग में $1.99 बिलियन तक पहुंच गए थे।
Core Scientific, Riot Platforms और IREN इस पोर्टफोलियो के लीडिंग नाम थे। Ken Griffin की फर्म ने इसके बाद लगभग 100 ब्लॉक ट्रेंड्स के जरिए माइनर ओवरहैंग को क्लियर कर दिया।
इस स्टेज पर किसी भी SEC जांच से जरूरी नहीं है कि कोई केस बने। लेकिन, जो डॉक्यूमेंट्स इकट्ठे किए जाते हैं, वे ये दिखा सकते हैं कि बैंकों ने कितने समय तक एक ही जगह AI में बड़ा दांव लगाकर फंडिंग दी और फिर कब क्रेडिट वापस ले लिया।
Situational Awareness अभी भी Anthropic में हिस्सा रखता है, जो अपनी पब्लिक लिस्टिंग के बारे में सोच रहा है। अब वही पोजीशन जुलाई के बाद क्या बचा है, इसका सबसे साफ पैमाना है।

