US स्पॉट Ethereum (ETH) exchange-traded funds (ETFs) में 6 अक्टूबर को $201.9 मिलियन की ऑउटफ्लो हुई, जो कि सितंबर के मिड से अब तक की सबसे बड़ी एक-दिन की ऑउटफ्लो है।
यह लगातार छठा दिन था जब ETH ETFs से निकासी जारी रही। वहीं, Bitcoin (BTC) फंड्स में $118.9 मिलियन की इनफ्लो देखने को मिली। इस दौरान ETH की प्राइस ज्यादातर समय स्थिर रही। लेकिन जैसे-जैसे डिमांड कम हो रही है, सवाल है कि यह altcoin कब तक मजबूत बना रह सकता है?
Ethereum ETF में ऑउटफ्लो कितनी गहरी है?
SoSoValue के डेटा के अनुसार, यह सिलसिला 29 सितंबर से शुरू हुआ, जिसने फंड्स से $407.8 मिलियन निकाले हैं। ये जून 17 से 30 तक के 9-दिन के कंसोलिडेटेड ऑउटफ्लो के बाद सबसे लंबा रन है।
ऑउटफ्लो शुरू होने से ठीक पहले, ETH ETFs में लगातार 7 सेशंस में $850.8 मिलियन की इनफ्लो आई थी। अब हाल की निकासी ने उसका लगभग आधा अमाउंट निकाल दिया है।

Ethereum ETF फ्लो। स्रोत: SoSoValue
कमजोरी सिर्फ Ethereum तक सीमित नहीं रही। Zcash (ZEC) और Solana (SOL) फंड्स में भी क्रमशः $89 मिलियन और $23.2 मिलियन की निकासी हुई। इसके उलट, Bitcoin ETFs ने इन्हीं 6 सेशंस में कुल $239 मिलियन की इनफ्लो दर्ज की।
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Ethereum प्राइस बनी रही, लेकिन डिमांड धीरे-धीरे कम हुई
ETF में ऑउटफ्लो के बावजूद, शुरुआती दौर में ETH काफी हद तक मजबूत बनी रही। Binance पर 29 सितंबर से 6 अक्टूबर के बीच टोकन में 0.33% की बढ़त देखने को मिली। लेकिन बुधवार को प्राइस पर दबाव देखने को मिला।
ETH, Binance पर $2,591.71 के इंट्राडे लो तक गिरा। खबर लिखे जाने तक, यह altcoin ट्रेड हो रहा था $2,617.76 पर, जो कि 24 घंटे में 2.90% नीचे है।

Ethereum (ETH) प्राइस प्रदर्शन। स्रोत: BeInCrypto मार्केट्स
इस गिरावट ने मजबूर लिक्विडेशन की एक वेव भी शुरु कर दी। CoinGlass के डेटा के अनुसार, पिछले 24 घंटों में ETH के $164.88 मिलियन के लॉन्ग पोजीशन लिक्विडेट हो गए, जबकि शॉर्ट पोजीशन की लिक्विडेशन $10.22 मिलियन ही रही।
ETF से आगे के संकेत डिमांड में रिकवरी के कम आसार दिखाते हैं। CryptoQuant का Coinbase Premium Index शुरुआती सितंबर से जीरो के नीचे बना हुआ है। अभी यह -0.007 पर है।
Staking करने वाले भी एक्जिट की तरफ बढ़ रहे हैं। Validator exit queue में मिड-सितंबर में ETH जीरो था, लेकिन अब यह 837,187 ETH तक पहुंच चुका है।
यह ETH जब unstake होगा, तो मार्केट में वापस आ सकता है। हालांकि, entry queue अभी भी ज्यादा है: 1.41 मिलियन ETH, लेकिन लगातार घट रही है।
इन डिमांड इंडीकेटर्स के कमजोर होने के साथ-साथ मार्केट सेंटीमेंट भी कमजोर पड़ा है। अक्टूबर की शुरुआत में ETH पर निगेटिव सोशल मीडिया पोस्ट्स ने बुलिश पोस्ट्स को पीछे छोड़ दिया, जिससे 7 जून के बाद पहली बार ETH सेंटीमेंट सबसे कमजोर रहा।
Ethereum प्राइस को सपोर्ट कहां मिल सकता है?
डिमांड की गिरती स्थिति अब ETH के Key टेक्निकल लेवल्स पर ध्यान खींच सकती है। एनालिस्ट Ted Pillows ने ताजा गिरावट से पहले ही संभावित पुलबैक की चेतावनी दी थी।
$ETH has been slowly grinding up for weeks, leaving the lows untouched.
At some point, these lows will be retested before the next big move. pic.twitter.com/yixRbgVZde
— Ted (@TedPillows) October 6, 2026
उनका चार्ट दिखाता है कि पहला सपोर्ट $2,547 से $2,565 के बीच है। अगर यह लेवल टूटता है, तो ETH करीब $2,190 तक जा सकता है। वहीं, ऊपर की तरफ ETH को $2,760 से $2,800 के आसपास की रेजिस्टेंस फिर से हासिल करनी होगी।
सप्लाई डेटा की स्थिति डिमांड की तुलना में कम बियरिश है। CryptoQuant के अनुसार, एक्सचेंजेज पर फिलहाल 14.7 मिलियन ETH है, जो मिड-2025 में लगभग 21 मिलियन था। कम ETH एक्सचेंजेज पर होने से बिकवाली की संभावना घट जाती है।
फिलहाल, डिमांड की कमजोर स्थिति ही सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। 7 अक्टूबर के ETF डेटा से पता चलेगा कि Ethereum की ऑउटफ्लो की यह सिलसिला सातवें दिन तक चलता है या नहीं।
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